जीवन एक संघर्ष

मैंने भी कुछ इंसानो को जीवन से लड़ते देखा है
दुःख मे रोते बिलख बिलख और सुख में हँसते देखा है
महफ़िल की मुस्कराहट भी गम में बदलती है पल भर मे
तन्हा तन्हा जीते और बेवफाई सहते देखा है
चिराग से आग और अंगारे बनते रहते हैं
ऐसे ही कुछ अंगारो मे दिल की मंजिल जलते देखा है
चलते ही जाना राही तुम परवाह ना करना काँटों की 
क्योंकि तत्पर बढ़ने वालों को ही मंजिल फतह करते देखा है
मैंने भी कुछ इंसानो को जीवन से लड़ते देखा है

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